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Tuesday, June 1, 2021

कोरोना के हालात देख पीएम का बड़ा फैसला,सीबीएसई की 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक में सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया गया है. पीएम मोदी ने आज राज्यों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा की, जिसके बाद परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और सेहत सर्वोपरि है. ऐसे माहौल में बच्चों को तनाव देना उचित नहीं है. पीएम ने कहा कि बच्चों की जान खतरे में नहीं डाल सकते हैं.

Thursday, June 25, 2020

1 जुलाई से निर्धारित विषयों की बात 10वीं 12वीं की परीक्षा रद्द

1 जुलाई से निर्धारित विषयों की बात 10वीं 12वीं की परीक्षा रद्द
https://youtu.be/eFn7gdxUOe0

CBSE 10वीं-12वीं की बची हुई परीक्षाएं रद्द / सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- पिछले 3 एग्जाम्स के आधार पर 12वीं के स्टूडेंट्स का असेसमेंट होगा, वे बचे हुए पेपर बाद में भी दे सकेंगे

CBSE ने 18 मार्च को 12वीं की एग्जाम टाल दी थी, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 10वीं के भी 6 पेपर नहीं हो पाए थे

10वीं और 12वीं के कुल 29 सब्जेक्ट के पेपर बाकी थे, इनकी एग्जाम 1 से 15 जुलाई के बीच होनी थी

सीबीएसई ने कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से 10वीं और 12वीं के बचे हुए पेपर रद्द करने का फैसला किया है। इन दोनों क्लास के 29 सब्जेक्ट्स केपेपर 1 से 15 जुलाई के बीच होने थे। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई में बोर्ड की तरफ से सरकार ने बताया कि अब 12वीं के स्टूडेंट्स का असेसमेंट उनके पिछले 3 एग्जाम के आधार पर होगा। वे बचे हुए पेपर बाद में भी दे सकेंगे।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि आईसीएसई बोर्ड ने भी 10वीं और 12वीं बोर्ड के एग्जाम रद्द करने का फैसला किया है, लेकिन वह स्टूडेंट्स को बाद में पेपर देने का विकल्प नहीं देना चाहता।


सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?

12वीं की परीक्षा के बारे में सीबीएसई नोटिफिकेशन जारी करे।

अभी इंटरनल असेसमेंट और बाद में बचे हुए पेपर देने का विकल्प दिया जाए।

रिजल्ट घोषित करने की तारीख बताई जाए।

स्टेट बोर्ड में एग्जाम्स किस तरह होंगे, इस पर केंद्र स्थिति साफ करे।

सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार सुबह 10:30 बजे फिर सुनवाई करेगा।



सीबीएसई के फैसले के बाद आगे क्या? स्टूडेंट्स के पास क्या विकल्प हैं?
इंटरनल असेसमेंट
सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि 10वीं के बच्चों के जो पेपर बाकी रह गए थे, उन्हें कैंसल कर दिया गया है। उन्हें बाद में भी एग्जाम देने की जरूरत नहीं है।वहीं, नई स्कीम के तहत 12वीं के स्टूडेंट्स का इंटरनल असेसमेंट उनके पिछले 3 एग्जाम के आधार पर होगा और उनका रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा।

बाद में एग्जाम्स
12वीं के स्टूडेंट्स बाद मेंएग्जाम देने का विकल्प भी चुन सकेंगे ताकि वे इंटरनल असेसमेंट से निकला अपनारिजल्ट और सुधार सकें। सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जैसे ही माहौल सुधरेगा, 12वीं के स्टूडेंट्स अपने बचे हुए पेपर दे सकेंगे।


नया एकेडमिक ईयर और एडमिशंस
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि नया एकेडमिक ईयर कब से शुरू करेंगे, यह साफ होना चाहिए। अगर अगस्त में एग्जाम्स होंगे, तो एकेडमिक ईयर सितंबर से शुरू होना चाहिए। इस पर सीबीएसई की तरफ से बताया गया कि जितना जल्द मुमकिन होगा, रिजल्ट घोषित किए जाएंगे। इंटरनल असेसमेंट से निकले रिजल्ट के बेसिस पर स्टूडेंट्स एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकेंगे।


परीक्षाएं रद्द करने के पीछे की 3 वजह
1. कोरोना के मामले बढ़ रहे, स्कूल क्वारैंटाइन सेंटर बन गए
10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले बच्चों के पैरेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन दायर की थी। इसमें मांग की गई थी कि कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बोर्ड को एग्जाम्स रद्द कर देना चाहिए। इसमें यह दलील दी गई कि सीबीएसई विदेशों में मौजूद 250 स्कूलों की परीक्षाएं रद्द कराने का फैसला पहले ही ले चुका है तो देश में भी बचे हुए पेपर रद्द होने चाहिए।

2. कई स्कूल क्वारैंटाइन सेंटर बन गए
दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा था कि दिल्ली में परीक्षाएं कराने के लिए स्कूलों में अभी जगह नहीं है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान सीबीएसई और सरकार की तरफ से दलील देते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि कई स्कूलों को क्वारैंटाइन सेंटर बनाया जा चुका है। ऐसे में लॉजिस्टिक से जुड़े कई मसले हैं।

3. तीन राज्य अभी एग्जाम नहीं चाहते थे
सॉलिसिटर जनरल ने सुनवाई के दौरान बताया कि सुप्रीम कोर्ट में दायर पिटीशन के अलावा महाराष्ट्र, दिल्ली और ओडिशा सरकार ने पिछले दिनों मानव संसाधन विकास मंत्रालय को चिट्‌ठी लिखकर कहा था कि परीक्षाएं रद्द कर देनी चाहिए।

कुल 29 सब्जेक्ट्स के एग्जाम नहीं हो पाए थे
सीबीएसई 12वीं के 12 सब्जेक्ट के पेपर बचे थे। वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में इन 12 के अलावा 11 और मेन सब्जेक्ट के पेपर बाकी थे। 18 मार्च को ये परीक्षाएं टाल दी गई थीं। वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली में ही सीबीएसई 10वीं के 6 पेपर होना बाकी थे। इस तरह 10वीं और 12वीं के 10 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स को कुल 29 सब्जेक्ट के पेपर देना थे।


इन 3 एग्जाम्स के बारे में स्थिति साफ होना बाकी

जेईई मेन - 18 जुलाई से 23 जुलाई। इसी एग्जाम के बेस पर स्टूडेंट्स जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई होते हैं। जेईई मेन के जरिए एनआईटी, सरकारी और प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन मिलता है। इसमें 9 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स शामिल होते हैं।

नीट - 26 जुलाई। इसके जरिए सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस और बीडीएस में एडमिशन मिलता है।

जेईई (एडवांस्ड) - 23 अगस्त। सिर्फ 2.5 लाख स्टूडेंट्स जेईई मेन के बाद एडवांस्ड के लिए क्वालिफाई कर पाते हैं। इसके जरिए 23 आईआईटी में एडमिशन मिलता है।


स्टूडेंट्स के सामने चुनौतियां
1. जहां मेरिट के आधार पर एडमिशन मिलता है, वहां क्या होगा?

आईआईटी दिल्ली के पूर्व प्रोफेसर और एजुकेशनिस्ट प्रोफेसर अजॉय घातक ने बताया कि इस फैसले का जेईई, जेईई एडवांस्ड और नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के करियर पर सीधे तौर पर कोई असर नहीं होगा, क्योंकि इन स्टूडेंट्स का एडमिशन एंट्रेंस एग्जाम के आधार पर ही होना है।


वे कहते हैं कि जो स्टूडेंट्स बीएससी (ऑनर्स), बीए (ऑनर्स) या इकोनॉमिक (ऑनर्स) जैसे कोर्सेस की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए चुनौती रहेगी, क्योंकि इन कोर्सेस में ज्यादातर इंस्टिट्यूट मेरिट पर ही एडमिशन देते हैं।

प्रोफेसर घातक ने बताया कि उदाहरण के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी जैसे इंस्टिट्यूट में कटऑफ हर साल बढ़ रहा है। वहां 99% तक कटऑफ पहुंच रहा है। अगर इस साल 12वीं करने वाले स्टूडेंट ने डीयू के किसी कॉलेज में एडमिशन लेने का टारगेट रखा होगा, तो वो क्या करेगा, यह भी बड़ा सवाल है।

Monday, June 22, 2020

CBSE की बची परीक्षाएं रद्द करने का मामला केस की सुनवाई 25 जून तक टली।

CBSE की बची परीक्षाएं रद्द करने का मामला। केंद्र और CBSE ने सुप्रीमकोर्ट में कहा कि परीक्षाएं रद्द करने पर विचार अंतिम दौर में है कल शाम तक निर्णय होने की उम्मीद है। केस की सुनवाई 25 जून तक टली। कुछ अभिभावकों ने कोरोना के कारण बची परीक्षाएं रद्द करने की मांग की है।@hoshkhabar

Sunday, June 21, 2020

सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की बची परीक्षाओं पर से कल छंट जाएंगे संशय के बादल

नई दिल्ली। सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की बची परीक्षाओं सहित जेईई मेंस और नीट की जुलाई में प्रस्तावित परीक्षाओं को लेकर सोमवार को संशय खत्म हो सकता है। अभिभावकों के दबाव और कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मानव संसाधन विकास मंत्रालय पहले ही परीक्षाओं को टालने के संकेत दे चुका है, लेकिन अब इस पर अंतिम मुहर लग सकती है। वैसे भी एक जुलाई से प्रस्तावित सीबीएसई की परीक्षाओं को लेकर मंत्रालय को निर्णय लेना है, क्योंकि परीक्षाओं के लिए अब ज्यादा समय नहीं बचा है।
परीक्षाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से 23 जून तक जवाब मांगा है
मंत्रालय के लिए परीक्षाओं को लेकर सोमवार को कोई निर्णय लेना इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है, क्योंकि सीबीएसई की दसवीं और बारहवीं की बची परीक्षाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका लंबित है। जिसमें अभिभावकों ने संक्रमण को देखते हुए परीक्षाओं को न कराने की मांग की है। इस मामले में कोर्ट ने सीबीएसई से 23 जून तक जवाब मांगा है।


निशंक ने कहा था- कोरोना के चलते छात्रों की सुरक्षा मेरे लिए सर्वोपरि है
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने पिछले दिनों ही मौजूदा परिस्थितियों में परीक्षाओं को लेकर संदेह जताया था जिसमें उन्होंने कहा था कि छात्रों की सुरक्षा उनके लिए सर्वोपरि है। जो भी फैसला होगा, वह उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि CAG देश का सर्वोच्च संवैधानिक लेखा परीक्षण संस्थान है.

दिल्ली विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार के गठन के बाद लंबित CAG रिपोर्टों को तत्काल विधानसभा के पटल...